मशरूम की खेती का व्यापार कैसे शुरू करें | Mushroom Farming Business Hindi

मशरूम की खेती भारत के साथ-साथ कई देशों में होने लगी है। अगर आप एक किसान है और खेती करके अच्छा खासा पैसा कमाना चाहते हैं तो आपको मशरूम की खेती जरुर करना चाहिए। हालांकि मशरूम की खेती में आपको मेहनत के साथ-साथ रख-रखाव भी ज्यादा करना पड़ता है।


आजकल लोग नए-नए तरीकों से अलग-अलग किस्म की खेती करके अच्छा खासा पैसा कमा रहे हैं। मशरूम की खेती भी एक प्रकार की नई खेती है जिसकी उन्नत करके किसान मालामाल हो रहे हैं। भारत के कई राज्य जैसे उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में मशरूम की खेती आरम्भ हो चुकी है। इसके अलावा ठण्ड प्रदेश जैसे हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर जैसे राज्यों में भी मशरूम की खेती जोरो शोरो से की जा रही है। आज के इस पोस्ट में हम आपको मशरूम की खेती के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।


मशरूम क्या है- What is Mushroom


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मशरूम एक प्रकार का पौधा होता है जिसका इस्तेमाल सब्जी के रूप में खाने में करते हैं। मशरूम देखने में छत्ते के आकार का दिखाई देता है। मशरूम में प्रोटीन समेत कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं जिसके कई स्वास्थवर्धक लाभ मिलते हैं।


मशरूम कितने प्रकार के होते हैं?


वैज्ञानिको के अनुसार पूरी दुनिया में1000 से भी अधिक मशरूम की प्रजातियाँ पाई जाती है। लेकिन इनमे से मशरूम की कुछ ही प्रजातियाँ ऐसी हैं जिनका इस्तेमाल हम भोजन के रूप में कर सकते हैं जैसे बटन मशरूम, पैडी स्ट्रॉ, स्पेशली मशरूम, दवाओं वाली मशरूम, धिंगरी या ऑयस्टर मशरूम हैं।


जब कोई व्यकित व्यापारिक दृष्टिकोण से मशरूम की खेती करता है। तो वह इस व्यकित को जरुर ध्यान में रखता है कि अधिक पैदावार वाली मशरूम कौन सी है, वह स्थानीय क्षेत्र में किस प्रजाति के मशरूम की अधिक मांग है। आपको बता दें कि बटन मशरूम, पैडी स्ट्रॉ, धिंगरी या ऑयस्टर मशरूम का उत्पादन अधिक होता है।


मशरूम की खेती 12 महीने किया जा सकता है। अगर आप साल भर मशरूम की खेती करना चाहते हैं तो आपके लिए दुधिया मशरूम सही रहेगा। सर्दी के मौसम में मशरूम की खेती करने के लिए बटन मशरूम अच्छा रहता है। धूप के मौसम में यानि जनवरी से जुलाई तक के लिए ऑयस्टर मशरूम की खेती करना सही होता है।


मशरूम खेती करने के लिए जगह


बहुत कम जगह में मशरूम की खेती किया जा सकता है। अगर आपके पास 6 बाय 6 की जगह है तब भी आप मशरूम की खेती शुरू कर सकते है। मशरूम की खेती करने के लिए लकड़ी का छोटा सा घर बनाना पड़ता है जिससे सूरज की किरण सीधे मशरूम पर ना पड़े। सूर्य का प्रकाश मशरूम की खेती पर पड़ने से फसल खराब हो सकती है।


मशरूम बीज की कीमत 


मशरूम की खेती करने के लिए सबसे पहले आपको मशरूम के बीज खरीदना पडेगा। मशरूम के बीच आपको नजदीकी बाजार या कृषि विज्ञान केंद्र से खरीद सकते हैं। इसके अलावा आप ऑनलाइन मशरूम के बीच घर बैठे मंगवा सकते हैं। एक किलो मशरूम के बीज की कीमत लगभग 75 रुपए होती है। इसकी कीमत कंपनी ब्रांड और मशरूम की प्रजाति के अनुसार कम या ज्यादा हो सकती है।


काम्पोस्ट खाद बनाना


मशरूम की खेती करने में खाद की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसके लिए आप गेहूं या धान के भूसे का इस्तेमाल कर सकते हैं। भूसे का इस्तेमाल करने से पहले उसे कीटाणु रहित बनाना पड़ता है जिससे मशरूम की फसल ख़राब न हो।


इसके लिए आपको लगभग 1500 लीटर पानी में 1.5 किलोग्राम फार्मलीन और 150 ग्राम बेबिस्टीन को डालकर अच्छी तरह से मिलाना होता है। इसके बाद 1 कुंटल पानी में, 50 किलोग्राम गेहूं का भूसा डालकर अच्छे से मिलाएं। अच्छे तरह से मिलाने के बाद मिश्रण को कुछ समय के लिए ढककर रख दें। 


इसके बाद भूसे को हवा में बाहर फैला दें जिससे इसकी नमी 50 प्रतिशत तक कम हो जाए। समय समय पर भूसे को पलटना भी पड़ता है। ऐसा इसलिए किया जाता है जिससे भूसा सुध्द हो जाए और मशरू म का उत्पादन अच्छा हो।


मशरूम की बुबाई


मशरूम की बुबाई करने के लिए आपको एक 16 बाई 18 के पॉलिथीन बैग लेना पड़ेगा। इसके बाद पॉलिथीन बैग में भूसा डाल दीजिये, इसके बाद मशरूम के दानो का छिडकाव करें। इन दानो के ऊपर फिर भूसा की परत चढ़ा दें और फिर मशरूम के दानो का छिडकाव करें। इसी प्रकार से कम से कम 3-4 बार परतें बना दें।


ध्यान रहे कि पॉलिथीन बैग के नीचे दोनों कोने पर छोटा सा छेद कर दें, जिससे भूसे का अतिरिक्त पानी बाहर निकल जाये। मशरूम की बुबाई होने के बाद इसे ऐसी जगह पर रखें जहाँ पर ज्यादा हवा का प्रभाव न रहे। वैसे अलग-अलग किस्म के मशरूम की खेती करने का अलग-अलग तरीका होता है।


मशरूम को ज्यादा हवा से बचाकर रखना पड़ता है क्योंकि ज्यादा हवा की नमी के कारण फ़लस ख़राब हो सकती है। मशरूम की खेती करने के लिए ऐसा कमरा चुने जहाँ पर हवा का प्रभाव कम रहे अर्थात बंद कमरा होना चाहिए। बंद कमरे में मशरूम की खेती करने के बाद लगभग 15 दिनों के लिए दरबाजा बंद कर दें। 15 दिनों के बाद कमरे का दरवाजा खोल दें जिससे पौधों को हवा मिल सके।


मशरूम के फसल की कटाई


मशरूम की फसल तैयार होने में 30 से 40 दिनों का समय लगता है। फसल तैयार होने पर फल दिखाई देने लगते हैं जिसे आप अपने हांथो से आसानी से तोड़ सकते हैं। मशरूम तैयार होने के बाद एक हफ्ते में उसे बेच देना चाहिए नहीं तो फसल ख़राब होने लगती है।


मशरूम की खेती में मुनाफा


मशरूम की खेती में आपको 3-4 गुना फायदा मिलता है। अगर आप छोटे स्तर पर भी मशरूम की खेती करते हैं तो 15-20 हजार रूपये कमा सकते हैं। इसके अलावा आप जितना अच्छा से काम करेंगे उतन ही ज्यादा फायदा उठा सकते है।

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