चप्पल बनाने का बिसनेस कैसे शुरू करें | Slipper Making Business in Hindi

शहर हो या गाँव हर जगह के लोग चप्पल पहनना पसंद करते हैं। चीन के बाद भारत दूसरा देश हैं जहाँ पर पर चप्पल ज्यादा पहनना लोग ज्यादा पसंद करते हैं। जहाँ पहले चप्पलों का इस्तेमाल पैरों को धूल, कंकड़, पत्थर से बचाने के लिए किया जाता था। वहीं आज फैशन बन गया है, लोग कपड़ों से मैच करके चप्पल पहननते हैं।

आज की पीढी के पास 2-4 जोड़ी जूते-चप्पल होना आम बात है। और धीरे-धीरे छोटी-बड़ी रंगीन जूते-चप्पलों का क्रेज ग्रामीण इलाकों में भी बढ़ रहा है। अगर आप कोई बिसनेस करना चाहते है तो चप्पल बनाने का व्यापार शुरू कर सकते हैं। इस पोस्ट को अंत तक जरुर पढ़े जिसमे आपको बताया जाएगा कि चप्पल बनाने का बिसनेस कैसे करें और इस लाखों की कमाई कैसे कर सकते हैं।

चप्पल बनाने का व्यापार कैसे करें?


chappal banane ka business kaise kare

 चप्पल का बिसनेस सदाबहार बिसनेस है जिसकी डिमांड हमेशा बनी रहती है। यह एक ऐसे बिसनेस है जिसे कम लागत में शुरू किया जा सकता है और लाखों की आमदनी हो सकती है। 

किसी भी बिसनेस को शुरू करने से पहले उसकी अच्छी प्लानिंग करना बहुत आवश्यक होता है जैसे बजट बनाना, कच्चा माल कहाँ से खरीदें, मशीन कहा से लें और सही जगह का निर्धारण आदि।

चप्पल बनाने के लिए कच्चा माल

चप्पल का व्यापार शुरु करने के लिए आपको कच्चे माल की आवश्यकता पड़ेगी। चप्पल बनाने के लिए मुख्य रूप से दो प्रकार का कच्चा माल इस्तेमाल किया जाता है रबर की शीट, चप्पल की स्ट्राप।


1. रबर की शीट –

रबर की शीट का इस्तेमाल चप्पल के सोल बनाने के लिए किया जाता है। सोल चप्पल के नीचे लगाया जाता है। रबर की शीट जितने अच्छी क्वालिटी की होगी चप्पल उतनी ही मजबूत बनेगी जैसे जल्दी घिसेगी नहीं, कंकड़, कांटे चप्पल पर जल्दी नहीं घुसेंगे, चप्पल का सोल जल्दी घिसेगा नहीं आदि।
 

बाजार में रबर की शीट कई प्रकार की मिलती है। आमतौर पर इसकी कीमत 200 रूपये से 500 रूपये तक होती है। कम कीमत की रबर की शीट थोड़ी कमजोर होती है और बढ़िया क्वालिटी वाली रबर की शीट आपको थोड़ी महंगी मिलेगी। एक रबर की शीट से लगभग 15-20 चप्पलें आसानी से बन जाती है।  
 

2. चप्पल की स्ट्राप -
चप्पल की स्ट्राप या चप्पल का फीता जिसके तीन भुजाएं होगी है और चप्पल की ऊपर तीनो होल में लगाया जाता है। आमतौर पर चप्पल की स्ट्राप की कीमत 4 से 5 रुपए प्रति स्ट्राप की होती है।

3. PVC पेंट –
चप्पल को रंगीन बनाने के लिए PVC पेंट किया जाता है।

चप्पल बनाने के लिए मशीनें

चप्पल बनाने का व्यापार करने के लिए आपको मशीनों की आवश्यकता पड़ेगी। तो चलिए जानते है कि चप्पल बनाने के लिए कौन-कौन सी मशीनों की आवश्यकता पड़ेगी।

1. स्लिपर सोल कटिंग मशीन
स्लिपर सोल कटिंग मशीन का इस्तेमाल चप्पल बनाने के लिए रबर की शीट को काटने के लिए किया जाता है। इस मशीन की मदद से रबर की शीट को किसी भी आकार में काटा जा सकता है। आप अपने जरुरत के हिसाब से कटिंग कर सकते हैं।

स्लिपर सोल कटिंग मशीन की कीमत 50 हजार रूपये से लेकर 1 लाख तक होती है। आप इस मशीन को घर बैठ ऑनलाइन इंडिया मार्ट से आसानी से खरीद सकते हैं।
 

2. स्लिपर ग्राइंडर मशीन
स्लिपर ग्राइंडर मशीन का इस्तेमाल चप्पल के तलवों को ग्राइंडिंग कर बनाया जाता है। जिससे चप्पल देखने में अच्छी दिखाई देती है। इस मशीन की कीमत 4,000 रूपये – 8,000 रूपये तक होती है।
 

3. स्लिपर ड्रिल मशीन
स्लिपर ड्रिल मशीन का इस्तेमाल चप्पल में छेद करने के लिए किया जाता है। चप्पल को काटने के बाद उसमे तीन छेद किया जाता है फिर इन्ही छेंद पर चप्पल की स्ट्राप या चप्पल का फीता लगा दिया जाता है। स्लिपर ड्रिल मशीन की कीमत 8,000 रूपये – 15,000 रूपये तक होती है।       
 

4. स्क्रीन प्रिंटिंग मशीन
स्क्रीन प्रिंटिंग मशीन का इस्तेमाल चप्पल के ऊपरी हिस्से में डिजाइन बनाने के लिए किया जाता हैं। जिससे चप्पल खूबसूरत दिखने लगती है।    स्क्रीन प्रिंटिंग मशीन की कीमत 2,000  रूपये से 3,000 रूपये तक होती है।
 

5. स्लिपर स्ट्रैप फिटिंग मशीन
स्लिपर स्ट्रैप फिटिंग मशीन का इस्तेमाल चप्पल की स्ट्राप या चप्पल का फीता लगाने के लिए जाता है। इस मशीन की कीमत 3,000 रूपये से 5,000 रूपये तक होती है।

चप्पल बनाने की विधि

चप्पल बहुत आसान होता है इसके लिए कहीं से ट्रेनिंग लेने की आवयकता नहीं पड़ती है। कोई व्यक्ति देखकर आसानी से सीख सकता है। तो चलिए जानते हैं कि चप्पल बनाने के क्या-क्या स्टेप हैं।

  • सबसे पहले आपको सोल कटिंग मशीन की मदद से रबर की शीट काटना है।
  • कटिंग होने के बाद स्लीपर के चारों तरफ के खुरदरे भाग रहते हैं जिसे ग्राइंडर मशीन की मदद से प्लेन किया जाता है
  • इसके बाद प्रिंटिंग मशीन की मदद से चप्पल के ऊपरी हिस्से में डिजाइन बनाया जाता हैं। जिससे चप्पल खूबसूरत दिखने लगे है।
  • प्रिंट हो जाने के बाद चप्पल कुछ देर के लिए सूखने के लिए रख दिया जाता है। सूखने के बाद ड्रिलिंग मशीन की मदद से आवश्यक स्थानों पर छेद किया जाता है।
  • इसके बाद स्ट्रैप फिटिंग मशीन की मदद से चप्पल के फीते डाले जाते हैं।
  • अब आपकी चप्पल तैयार हो चुकी है, जिसे पैक करके बाजार में बिकने के लिए भेज सकते हैं।

 

चप्पल की पैकेजिंग कैसे करें?

चप्पल की पैकेजिंग करने के लिए आपको कुछ चीजों की आवश्यकता पड़ेगी जैसे प्लास्टिक बैग या कवर। सबसे पहले चप्पलों को प्लास्टिक के पैकेट में लपेटना है,  उसके बाद उन्हें कार्टून बॉक्स में पैक करें। 

अपनी कंपनी का नाम या लोगो दिखने के लिए कार्टून बॉक्स में स्टीकर के रूप में चिपका सकते हैं। अब इन सभी सारी चप्पलें को एक बड़े  कार्टून बॉक्स में पैक करके बाजार में आसानी से भेज सकते हैं।

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